Sunday, 11 February 2018

पायलट के चक्कर में अटकी अजमेर के नवनिर्वाचित सांसद रघु शर्मा की धन्यवाद यात्रा।

पायलट के चक्कर में अटकी अजमेर के नवनिर्वाचित सांसद रघु शर्मा की धन्यवाद यात्रा।
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अजमेर के नवनिर्वाचित कांग्रेस के सांसद रघु शर्मा ने गत 1 फरवरी को जीत हासिल कर ली थी। इसके बाद लोकसभा में भी सांसद के तौर पर शपथ ले ली। लेकिन अभी तक भी रघु शर्मा अपने निर्वाचन क्षेत्र अजमेर में नहीं आए हैं। जबकि पूर्व में घोषणा की गई थी कि शर्मा आठों विधानसभा क्षेत्रों में धन्यवाद यत्रा निकालेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार रघु शर्मा तो धन्यवाद यात्रा के लिए आतुर है लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट की अनुमति नहीं मिल रही है। असल में अजमेर से पायलट भी चुनाव लड़ चुके हैं। ताजा उपचुनाव में भी पायलट ने बहुत मेहनत की थीं ऐसी स्थिति में पायलट चाहते हैं कि धन्यवाद यात्रा के कुछ स्थानों पर वे स्वयं भी मौजूद रहे। इसके लिए पायलट ने रघु शर्मा से कहा भी है। लेकिन पायलट की व्यस्तताओं की वजह से अब धन्यवाद यात्रा का कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है। पायलट को जब सुविधा होगी तभी धन्यवाद यात्रा निकलेगी। उम्मीद की जा रही है कि 14 फरवरी के बाद नए सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में आएं। इस बीच सांसद शर्मा जयपुर में ही अपने निजी आवास पर हैं और संसदीय क्षेत्र के नेता माला पहनाने के लिए जयपुर ही जा रहे हैं। 

सही समय पर सही निर्णय लेने वाले को ही यश मिलता है।

सही समय पर सही निर्णय लेने वाले को ही यश मिलता है। राष्ट्रसंत स्वामी गोविंददेव गिरी ने बताए महाभारत से जीवन प्रबंधन के गुर।
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11 फरवरी को अजमेर के जवाहर रंगमंच पर एक शानदार और सफल कार्यक्रम हुआ। शहर की विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रसंत स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज ने महाभारत से जीवन प्रबंधन विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही निर्णय लेने वाले को ही यश मिलता है और यह तभी संभव है जब आपके पास विवेक हो। विवेक के बारे में महाभारत जानकारी देती है। यह एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें सभी परिस्थितियों और उसमें लिए गए निर्णय का समावेश है। महाभारत के पात्र कोई व्यक्ति नहीं बल्कि प्रवृत्ति हैं जैसे ध्रतराष्ट्र, शकुनी, दुर्योधन आदि। वहीं दूसरी ओर कृष्ण, अर्जुन, भीम आदि। महाभारत के अध्ययन से हम अपने जीवन को न केवल सुधार सकते हैं बल्कि व्यवस्थित भी कर सकते हैं। ऐसा भी कुप्रचार किया गया कि महाभारत की पुस्तक को घर में रखने से क्लेश होगा। जबकि हकीकत यह है कि महाभारत को पढ़ने और समझने से राजा को युद्ध में वैश्य को व्यापार, ब्राह्मण को ज्ञान विजय मिलती है। गर्भवती महिला यदि महाभारत का श्रवण करती है तो उसकी संतान वीर और भाग्यशाली होगी। आज यूरोप के लेखक हमें मैनेजमेंट, लीडरशिप, रिलेशनशिप आदि के बारे में बता रहे हैं, ंजबकि मैनेजमेंट के लिए महाभारत, रिलेशनशिप के लिए रामायण और लीडरशिप के लिए चाणक्य नीति जैसे ग्रंथ हमारे पास पहले से ही हैं। हमारे पास जब मौलिक ज्ञान है तो फिर हम सूक्ष्म ज्ञान क्यों लेना चाहते हैं। असल में मारे ही ग्रंथों का अध्ययन अब विभिन्न विषयों पर अंग्रेजी में पुस्तकें लिखी जा रही हैं। उन्होंने माना कि हमारे ग्रंथ संस्कृत भाषा में हैं, इसलिए इसके अनुवाद में परेशानी है, लेकिन  गीता परिवार के माध्यम से ऐसे ग्रंथों का हिन्दी में भी अनुवाद हो रहा है। स्वामी गोविंद देव ने कहा कि भारतीय संस्कृति 16 स्तंभों पर टिकी है। पुरुषार्थ के लिए कर्म, अर्थ, धर्म और मोक्ष के मार्ग बताए गए हैं तो जीवन काल के लिए चार आश्रम व्यवस्था, समाज के लिए चार वर्ग व्यवस्था तथा सम्पूर्ण व्यवस्था के लिए चार मार्ग बताए गए हैं। 16 स्तंभों की वजह से भारतीय संस्कृति अभी तक जिंदा है और अनंतकाल तक रहेगी। हालांकि कई बार हमारी संस्कृति को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय संस्कृति का आज भी विश्व में महत्व है। आने वाली पीढ़ी सवालों वाली होगी, जो इससे सवाल पूछेगी। यदि हमें हमारे ग्रंथों की जानकारी नहीं होगी तो हम जवाब नहीं दे सकेंगे। एक बालक ने ही मुझे बताया कि महाभारत में 256 बार श्राप दिया गया। इससे अंदाला जगाया जा सकता है कि आने वाली पीढ़ी कितनी गहराई से सोचती है। महाभारत कोई पुस्तक नहीं बल्कि हमारा राष्ट्रीय ग्रंथ है।
लोकायुक्त कोठारी ने रखे सवालः
गोविंद देव गिरी के संबोधन से पहले राजस्थान के लोकायुक्त जस्टिस सज्जन सिंह कोठारी ने महाभारत से जुड़े अनेक सवाल रखे। जस्टिस कोठारी ने जानना चाहा कि युद्ध के दौरान माता कुंती ने कर्ण को पुत्र होने की जानकारी क्यों दी? अर्जुन ने युधिष्ठिर को जुआ खेलने से क्यों नहीं रोक? कृृष्ण ने अपनी नारायण सेना कौरवों को क्यों? जस्टिस कोठारी ने कहा कि ये ऐसे सवाल हैं जिनका उत्तर आज की युवा पीढ़ी को मिलना चाहिए। 
पदमश्री रामेश्वरलाल काबरा का स्वागतः
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने प्रमुख समाजसेवी पद्मश्री रामेश्वरलाल काबरा का अभिनंदन किया। स्वामी जी ने कहा कि वे विद्यालयों के संचालन में काबरा का जो सहयोग है उसका अभिनंदन किया ही जाना चाहिए। कार्यक्रम में एडीए के अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने सभी के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर दैनिक नवज्योति के प्रधान सम्पादक दीनबंधु च ौधरी, स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, मेयर धर्मेन्द्र गहलोत, समाजसेवी सीताराम गोयल, अजीत अग्रवाल, श्यामसुंदर छापरवाल, रवि तोषनीवाल, उमेश गर्ग, रमेश तापड़िया, आनंद राठी आदि ने स्वामी का स्वागत किया।
एस.पी.मित्तल) (11-02-18)
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अजमेर के गौरवपथ पर बने मल्टी स्टोरी अप्सरा मेंशन में कैसे चल रही है शराब की दुकान?

अजमेर के गौरवपथ पर बने मल्टी स्टोरी अप्सरा मेंशन में कैसे चल रही है शराब की दुकान? नागरिकों ने लिखा कलेक्टर को पत्र।
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आबकारी विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी आवासीय परिसर में शराब की दुकान नहीं खुल सकती। लेकिन अजमेर के क्रिश्चियन गंज क्षेत्र के गौरवपथ पर बने मल्टी स्टोरी अप्सरा मेंशन में पिछले एक वर्ष से अंग्रेजी शराब की दुकान चल रही हैं। अब अगले वित्तीय वर्ष के लिए इसी स्थान पर शराब की दुकान के लिए प्रयास हो रहे हैं। गंभीर बात यह है कि मल्टी स्टोरी के पार्किंग स्थल में अवैध तौर पर दुकान निर्मित की गई है। अप्सरा मेंशन में फ्लैट लेने वाले परिवारों का मानना था कि रिहायाशी जगह पर कभी भी शराब की दुकान नहीं खुलेगी, लेकिन सरकार ने के नियमों के विपरीत पार्किंक स्थल में शराब की दुकान खोल दी गई। अब फ्लैट में रहने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिली भगत का आलम यह है कि रोक के बावजूद भी रात 8 बजे बाद शराब की बिक्री की जाती है। मल्टी स्टोरी अप्सरा मेंशन से शराब की दुकान हटवाने के लिए जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा गया है। इस पत्र पर डाॅ. आर भंबानी, हंस पंत, सीमा गर्ग, आरसी खंडेलवाल, उमरावमल जैन आदि ने हस्तार किए हैं।

35 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए राजस्थान भर में रीट की परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न।

35 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए राजस्थान भर में रीट की परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न। समन्वयक और शिक्षा बोर्ड की सचिव मेघन च ौधरी भी हुई पास। देखने को मिला डिजीटल इंडिया।
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11 फरवरी को राजस्थान भर में अध्यापक पात्रका परीक्षा (रीट) शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गई। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सचिव और परीक्षा की समन्वयक मेघना च ौधरी ने एक बार फिर साबित किया है कि महिलाओं को अवसर मिले तो वे पुरुषों से बेहतर काम कर सकती हैं। राज्य सरकार की प्रतिष्ठा से जुड़ी रीट परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से करवाने में मेघना च ौधरी ने रात-दिन एक कर दिया। मेघना ने राज्य की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा तब करवाई है जब अगले मार्च माह में ही बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा होनी है। रीट परीक्षा में भी करीब 10 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया है। इस परीक्षा का अंदाजा इसलिए लगाया जा सकता है कि प्रदेश भर के 52 हजार 253 परीक्षा केन्द्रों पर कोई 50 हजार कर्मचारी तैनात रहे। एक दिन पहले ही राज्य के प्रमुख सचिव एनसी गोयल ने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मेघना च ौधरी पिछले एक पखवाड़े से रात 10 बजे तक बोर्ड दफ्तर में ही रही, ताकि रीट परीक्षा के माकूल इंतजाम किए जा सके। परीक्षा केन्द्रों पर जैमर से लेकर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी तक करवाई गई ताकि किसी भी तरह से नकल की प्रवृत्ति को रोका जा सके। इसके साथ ही परीक्षार्थियों का परीक्षा केन्द्र निकटवर्ती जिले में बनाया, वहीं यातायात के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसों तथा रेलवे से अतिरिक्त ट्रेने तक चलवाई गई। परीक्षाओं की तरह पुलिस कर्मियों को भी मानदेय दिलवाया गया। मेघना ने शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए जो मेहनत की उसकी अब सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। इसे मेघना पर ईश्वर की कृपा ही कहा जाएगा कि बिना किसी बाधा के इतनी बड़ी परीक्षा हो गई। अब श्रेय तो अनेेक लोग लेंगे, लेकिन यदि कोई गड़बड़ी होती तो सबसे पहले गाज मेघना पर ही गिरती। शांतिपूर्ण परीक्षा सम्पन्न करवाने के लिए मोबाइल नम्बर 9829043222 पर मेघना को बधाई दी जा सकती है।
भर्ती के लिए महत्वपूर्ण है परीक्षाः
शिक्षा बोर्ड के उपनिदेशक राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि शिक्षक बनने के लिए रीट की परीक्षा महत्वपूर्ण है। 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को ही परीक्षा में उत्तीर्ण किया जाएगा। रीट परीक्षा के बाद अभ्यर्थी को शिक्षक भर्ती के लिए अलग से कोई परीक्षा नहीं देनी होगी। रीट परीक्षा में प्राप्त अंक, बीएड के अंक तथा ग्रेजुएशन के अंक मिला कर मेरिट बनाई जाएगी और इस मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होगी। गुप्ता ने बताया कि किसी परीक्षा केन्द्र से गड़बड़ी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
35 हजार शिक्षकों की भर्ती होनी हैः
राज्य सरकार ने प्रदेश में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा कर रखी है। माना जा रहा है कि रीट परीक्षा का परिणाम आते ही मेरिट बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संभवतः आगामी जुलाई तक भार्तियां भी हो जाएगी।
डिजीटल इंडियाः
11 फरवरी को रीट परीक्षा से पूर्व दो पारियों में डिजीटल इंडिया का असर भी देखने को मिला। चूंकि परीक्षार्थियों के केन्द्र दूसरे जिले में बनाए गए थे, इसलिए परीक्षा केन्द्र की लोकेशन अधिकांश परीक्षार्थियों ने अपने मोबाइल फोन पर गूगलएप के जरिए ही देखी। आज परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र वाले स्कूल का पता राहगीरों से पूछते नहीं देखा गया। परीक्षार्थी अपने मोबाइल के माध्यम से स्वयं ही परीक्षा केन्द्रों पर पहुंच रहे थे। संभवतः पूरे देश में 11 फरवरी को सबसे ज्यादा गूगल एप का उपायोग राजस्थान में हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों के परीक्षर्थी खासकर महिला परीक्षार्थी भी गूगल एप के जरिए पहुंच रही थीं।
एस.पी.मित्तल) (11-02-18)
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अजमेर के कांग्रेस नेता और बीढ़ी उद्योग पति हेमंत भाटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की दोबारा से जांच होगी।

अजमेर के कांग्रेस नेता और बीढ़ी उद्योग पति हेमंत भाटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की दोबारा से जांच होगी। भाई ललित भाटी ने ही लगाया है बेईमानी करने का आरोप।
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अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से गत बार कांग्रेस के उममीदवार रहे बीडी उद्योग पति हेमंत भाटी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की अब नए सिरे से जांच होगी। इस संबंध में एडीजे-3 शिल्प समीर ने 6 फरवरी को आदेश जारी किए हैं। हेमंत भाटी के बड़े भाई और पूर्व मंत्री ललित भाटी ने अपने वकील रामस्वरूप के जरिए एक वाद दायर कर आरोप लगाया कि पूर्व में सिविल लाइन पुलिस स्टेशन पर उन्होंने हेमंत भाटी के विरुद्ध परिवार की सम्पत्ति हड़पने और शंकर छापा बीड़ी के ट्रेडमार्क को अपने नाम करवाने को लेकर एक एफआईआर दर्ज करवाई थी लेकिन पुलिस ने तथ्यों की जांच किए बिना ही अदालत में एफआर प्रस्तुत कर दी। पुलिस की इस एफआर पर सिविल न्यायालय में ऐतराज भी किया गया, लेकिन इसके बावजदू भी अधीनस्थ न्यायालय ने एफआर को मंजूर करने के आदेश दे दिए। इससे मेरे अधिकारों का हनन हुआ है। वाद में ललित भाटी ने बताया कि वर्ष 2009 में पिता शंकर सिंह भाटी दिगामी बीमारी से ग्रस्त थे ऐसे में उनकी वसीयत गलत तरीके से तैयार की गई। वसीयत में कई स्थानों पर हस्ताखर भी अलग है। यह सारा कूटरचित कृत्य हेमंत भाटी के द्वारा किया गया। पुलिस के समक्ष एफएसएल रिपोर्ट से लेकर पिता की बीमारी तक के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। लेकिन पुलिस ने इन्हें गंभीरता के साथ नहीं लिया। निर्णय में विद्वान न्यायाधीश ने कहा कि पिता द्वारा अपनी समस्त संतानों में से एक पुत्र को संपत्ति से बेदखल किया जाना एक अस्वाभाविक तथ्य हैं। जिसके संबंध में विस्तृत अनुसंधान किया जाना चाहिये था। लेकिन अनुसंधान अधिकारी द्वारा उक्त संदेहास्पद स्थिति के संबंध में अनुसंधान नही किया जाने के बावजुद अधीनस्थ न्यायालय द्वारा उक्त संदेहास्पद स्थिति पर गौर नही कर आपेक्षित आदेश पारित किया है,जो त्रुटीपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि भाटी बंधु इन दिनों भी कांग्रेस में सक्रिय हैं। लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण दोनों के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। 
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